‘केमल सिटी’ के नाम से जाना जाएगा बीकानेर

जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजित

बीकानेर। बीकानेर को अब ‘केमल सिटी’ के नाम से जाना जाएगा। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा प्रत्येक जिले के लिए विशेष पहचान का चुनाव करते हुए ब्रेंड के रूप में प्रचारित करने की योजना बनाई है। इस संबंध में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में जिले को ‘केमल सिटी’ के नाम से प्रचारित करने पर सहमति बनी। अब यह प्रस्ताव भारत सरकार को भिजवाए जाएंगे।

बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिले में ऊंट बहुतायत में पाए जाते हैं। पर्यटन विभाग का पहला सालाना उत्सव बीकानेर में ही ‘केमल फेस्टिवल’ के नाम से आयोजित होता है। एशिया का सबसे बड़ा उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर में है तथा यहां की उस्ता कला भी विश्व प्रसिद्ध है। इन सभी विशेषताओं को देखते हुए बीकानेर को ‘केमल सिटी’ के रूप में प्रचारित किया जाए, जिससे इसकी नई पहचान बनेगी।

जिला कलक्टर ने करणी माता पैनोरमा के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली तथा कहा कि इसके संचालन, प्रबंधन एवं अनुरक्षण के लिए उपखण्ड अधिकारी, बीकानेर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी द्वारा समय-समय पर निर्माण कार्य का अवलोकन किया जाए तथा इसके संचालन एवं प्रबंधन की रूपरेखा तैयार की जाए। जिले के पर्यटक स्थलों पर साफ-सफाई के संबंध में चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने कहा कि जूनागढ़ के सामने लगने वाली ‘फूड स्टाल्स’ के पास सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। स्टाल्स संचालकों को डस्ट बीन रखने के लिए निर्देशित किया जाए। निर्देशों की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बैठक में बीकाजी की टैकरी से रामपुरिया हवेलियों तक शहरी क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने, कोलायत सरोवर को और अधिक सुंदर बनाने तथा यहां तालाब के इतिहास से संबंधित साइनेज आदि लगाने, स्टेडियम की दीवारों, बस स्टेण्ड एवं मुख्य शहरों में पर्यटन दृष्टिकोण के भित्ति चित्र बनवाने, तीन दिवसीय बीकानेर महोत्सव मनाने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

मेलों के दौरान हो पुख्ता व्यवस्था

इस दौरान जिला मेला समिति की बैठक भी आयोजित हुई। जिला कलक्टर ने कहा कि करणी माता के नवरात्रा मेला, गणगौर मेला, मुकाम मेला, पूनरासर, कोडमदेसर, जसनाथ मेला, वीर बिग्गा तथा कोलायत सहित विभिन्न मेलों के दौरान पुख्ता व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र के उपखण्ड अधिकारी मेलों से एक माह पूर्व व्यवस्थाओं के निर्धारण संबंधी बैठक लें तथा सुरक्षा, पेयजल, पार्किंग, यातायात, मेला नियंत्रण कक्ष स्थापना सहित विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

बैठक में उपखण्ड अधिकारी नानूराम सैनी, सहायक निदेशक (पर्यटन) भारती नैथानी, तहसीलदार अशोक अग्रवाल, विकास अधिकारी कैलाश चौधरी, पर्यटन अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह, पर्यटन विकास समिति सदस्य विनोद भोजक, लोकायन के गोपाल सिंह आदि मौजूद थे।

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