कोरोना का कहर : महामारी को भुनाते मानवता के दुश्मन

Corona Pandemic: Enemies Redeeming Humanity

0
124
coronavirus tips, coronavirus, pandemic, corona symptoms, symptoms of corona, corona vaccine, corona worldometer, corona virus, worldometer corona, corona effect, corona latest news, corona, corona beer, corona virus update, corona update, corona virus latest news,

-डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा

 एक और देश में कोरोना (Corona) की दूसरी लहर का कहर बढ़ता जा रहा है तो दूसरी आ्रैर जीवन रक्षक दवाओं, मेडिकल उपकरणों और साधनों की जमाखोरी और कालाबाजारी जम कर होने लगी है। लगता है इस महामारी के दौर में भी कुछ लोग मानवीय संवेदनाओं को खो चुके हैं।

आज सारी दुनिया कोरोना की दूसरी लहर से त्रसित है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के चलते हो रहे हालातों को देखते हुए दुनिया के देश सहायता के लिए आगे आ रहे हैं वहीं देश में ही कुछ लोग मानवता को शर्मसार करने में कोई कमी नहीं छोड रहे हैं। देश के कोने कोने से यह समाचार आम है कि ऑक्सीजन सिलेण्डर नहीं मिल रहे हैं तो ऑक्सीजन सिलेण्डरों की कालाबाजारी यहां तक कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की माने तो सिलेण्डर 50 से 60 हजार रु. तक में ब्लेक करने के समाचार आम हो गए हैं।

जयपुर में ही पुलिस द्वारा जमाखोरों द्वारा ऑक्सीजन सिलेण्डर जब्त करने और फिर सरकार से अनुमति लेकर इन सिलेण्डरों का उपयोग जरुरतमंद लोगों को उपलब्ध कराकर कई जिंदगियां बचाने के समाचार आम है। आज समूचा देश ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक को दखल देनी पड़ रही है। बात केवल ऑक्सीजन सिलेण्डर तक ही सीमित नहीं हैं अपितु कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति में उपयोग में आना वाला रेमडिसेवर इंजेक्शन की जमकर कालाबाजारी हो रही है।

सरकार द्वारा निर्धारित दर से कई गुणा अधिक पैसे लेकर जरुरतमंद लोगों को उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए रेमडिसेवर इंजेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। बात यहां तक ही नहीं कोविड के इस दौर में जरुरत का खास उपकरण ऑक्सीमीटर जो दो सौ ढ़ाई सौ से दो ढ़ाई हजार की रेंज में आसानी से उपलब्ध था बाजार से गायब हो गया है। यही हाल स्पेरोमीटर व अन्य उपकरणं और दवाओं का हो गया है।

यह भी पढ़ें:  राजस्थान: 31 बार कोरोना पॉजिटिव है महिला, डॉक्टरों के लिए बनी चुनौती

साधारण चाइनीज मेड ऑक्सीमीटर डे़ढ हजार से तीन हजार तक जो जंचे उस राशि में चोरी छिपे बेचा जा रहा है। रेमडिसेवर तो दूर की बात कोरोना में उपयोग में आने वाली दूसरी दवाएं भी बाजार से गायब है या उनकी मुंहमांगे दाम वसूले जा रहे हैं। मजे की बात तो यहां तक है कि रेमडिसेवर जैसे इंजेक्शनों के मनमाने दाम निजी अस्पतालों द्वारा लिए जाने की  शिकायते आम है। ऐसे में सरकार को दोष दिया जाना किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता।

        देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या तीन लाख को पार कर गई है। रविवार को ही 3 लाख 70 हजार कोरोना पोजीटिव आएं हैं। हांलाकि संतोष इस बात पर किया जा सकता है कि कोरोना संक्रमितों में से ठीक होने वालों का आंकड़ा भी थोड़ा सुधरने लगा है। रविवार को देश में 3 लाख से अधिक संक्रमित ठीक हुए है। रिकवरी रेट जो कभी 90 प्रतिशत से अधिक रहती थी वह 81 प्रतिशत से कुछ अधिक रह गई है। गंभीर चिंता का विषय है।

सारा देश सन्नाटे में हैं और इसका कारण कोरोना संक्रमितों के लगातार मामलों में बढ़ोतरी और मृत्युदर में बढ़ोतरी चिंता का कारण बनती जा रही है। सरकारी तो सरकारी अब तो हालात यह हो गए है कि प्राइवेट अस्पतालों में भी जगह नहीं मिल रही है। वेंटीलेटर तो दूर की बात आॅक्सीजन बेड मिलना ही मुश्किल भरा होता जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत से संघर्ष करते लोगों को देखकर दिल दहल जाता है।

ऐसे में केन्द्र व राज्य सरकारें अपने स्तर पर बेहतर प्रबंधन कर रही है क्योंकि कोई सरकार नहीं चाहती कि उनके राज्य में हालात बिगड़े। पर इस सबके बावजूद ऑक्सीजन की कमी कमी और दवाओं की कालाबाजारी आम होती जा रही है। यह तो कुछ उदाहरण मात्र है। सरकार अपने स्तर पर छापे मार कर कालाबाजारी व जमाखोरी करने वालों को पकड़ भी रही है पर यह सब एक सीमा तक ही संभव है।

        कोरोना की इस महामारी में एक और दानदाता और यहां तक कि अन्य देशों की सरकारें भी सहायता के लिए आगे आ रही हैं वहीं देश में ही जो कुछ लोग जमाखोरी और कालाबाजारी कर रहे हैं यह मानवता को शर्मसार करने वाली स्थिति है। जमाखोरी और कालाबाजारी करके ठीक है कोई दो पैसा अधिक बना लेगा पर उसका यह कृत्य किसी भी हालत में क्षम्य नहीं हो सकता। आखिर ऐसे समय में हमें सबकुछ भुलाकर पीड़ित मानवता के लिए आगे आना चाहिएं उपलब्ध संसाधनों से पीड़ित संक्रमितों को बचाना चाहिए।

यह भी पढ़ें:  राजस्‍थान में 19 अप्रैल से 3 मई तक लॉकडाउन, यहां जाने क्या रहेगा बंद और कहां मिलेगी छूट

हमारे दो कदम पीड़ित संक्रमित के जीवन बचाने में सहायक हो सकते हैं। यह हमें सोचकर चलना होगा। दुर्भाग्य की बात यह है कि कुछ चिकित्सा संस्थानों में भी इस तरह की घटनाएं आम होती जा रही है। होना यह चाहिए कि जो वस्तु या साधन हमारें पास है वह खुले दिल से जरुरतमंद लोगों तक पहुंचानें के प्रयास किए जाएं। आज हम जिस महामारी के दौर से गुजर रहे हैं उसमें सबका दायित्व एक दूसरे की सहायता करने का हो जाता है।

सरकार को भी इस संकट के दौर में जो लोग मानवता को शर्मसार कर रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए। सख्त से सख्त सजा के प्रावधान होने चाहिए। पर सोचने की बात यह है कि इस तरह की करतूत करने वाले हमारे आसपास ही है। उन्हें समझना यह होगा कि इस समय वे कालाबाजारी या जमाखोरी कर किसी की जान से खेल कर दो पैसा अधिक कमा लेंगे पर आने वाली पीढ़ी और यदि उनमें जमीर नामकी कोई चीज होगी तो वह कभी माफ नहीं करेगी और कचोटती रहेगी।

More News : coronavirus tips, coronavirus, pandemic, corona symptomssymptoms of coronacorona vaccinecorona worldometer, corona virus, worldometer coronacorona effectcorona latest news, corona, corona beer, corona virus updatecorona updatecorona virus latest news,