किसानों के हित में बड़ा फैसला : सहकार किसान कल्याण योजना में 0.50 प्रतिशत ब्याज दर घटाई

ऋण का समय पर चुकारा करने पर किसानों को मिलेगा 2 प्रतिशत अनुदान
जयपुर। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए केन्द्रीय सहकारी बैंकों से सहकार किसान कल्याण योजना के तहत ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत की कमी की है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कृषि ऋण का समय पर चुकारा करने पर काश्तकारों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। अब समय पर ऋण का चुकारा करने वाले काश्तकारों को 9 प्रतिशत ब्याज दर से ऋण मिल पाएगा। यह योजना सभी सहकार किसान कल्याण योजना के तहत 31 मार्च, 2018 तक वितरित ऋणों पर लागू रहेगी।

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उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों की सभी कृषि संबंधी ऋण आवश्यकताओं को सहकारी बैंकों के माध्यम से पूरा करना है। इस योजना के माध्यम से किसानों की आय को दुगना करने के लिए कृषि में आधुनिक साधनों के उपयोग को बढ़ावा देने, कृषि के अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने के साथ-साथ पशुपालन एवं बागवानी को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। श्री किलक ने बताया कि योजना की शर्तों को आसान बनाया गया है तथा किफायती ब्याज दर पर ऋण स्वीकृति को सरलीकृत किया गया है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि किसानों को इस योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना में किसानों को कृषि एवं अन्य संबंधित प्रयोजनों के लिए दीर्घ कालीन अवधि के लिए टर्म लोन के साथ साख सीमा भी स्वीकृत की जा सकेगी।
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31 मार्च, 2018 तक वितरित ऋणों पर मिलेगा लाभ
श्री किलक ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने बजट घोषणा में इसको शामिल किया था। घोषणा पर अमल करते हुए इसे 1 अप्रेल, 2017 से लागू किया गया है। 1 अप्रेल से 31 मार्च, 2018 तक की अवधि में ऋण लेने वाले सभी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि दीर्घ कालीन कृषि ऋण 11 प्रतिशत की ब्याज दर पर देय होता है तथा समय पर ऋण चुकता करने वाले कृषकों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर उन्हें राहत प्रदान की गई है।
इन कार्यों के लिए मिलेगा ऋण
श्री किलक ने बताया कि किसान कृषि यंत्रीकरण जैसे ट्रेक्टर, कल्टीवेटर, कृषि आदान व उत्पाद परिवहन वाहन, सीड ड्रिल, थ्रेसर, कुट्टी मशीन, अन्य कृषि यंत्रों की खरीद एवं मरम्मत तथा सिंचाई साधन जैसे पाईप लाईन, फव्वारा, लघु सिंचाई, निर्माण कार्य एवं मरम्मत नाली सुधार एवं मरम्मत, पानी की खेली व पंप रिपेयर आदि के लिए दीर्घ कालीन अवधि के लिए ऋण ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों की अतिरिक्त आय के सृजन के लिए बागवानी विकास के कार्य जैसे बागवानी, बीज उत्पादन, मेंहदी उत्पादन, फलदार पौध, नर्सरी विकास, कृषि भूमि की फेंसिंग, मुण्डेर का निर्माण/मरम्मत, बिजली बिल भुगतान तथा डेयरी विकास के कार्य जैसे दुधारू पशु खरीद, चिकित्सा, पशु बीमा, केटल शेड निर्माण, दुग्ध प्रसंस्करण यंत्र, चारा उत्पादन, मुर्गी पालन, मछली पालन, ऊंटगाडी,बैलगाडी खरीद एवं मरम्मत के लिए इस योजना के तहत ऋण दिया जाएगा।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस योजना में अब सौर ऊर्जा पम्प, ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, व्हाईट हाउस, ड्रिप सिंचाई संयंत्रों को क्रय करने जैसी गतिविधियों इस योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसी कोई अन्य गतिविधि या प्रयोजन जो कृषि विकास में सहायक हो तथा जिससे किसान को अतिरिक्त रोजगार मिल सके या आमदनी हो ऐसे सभी प्रयोजनों के लिए इस योजना के तहत ऋण दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

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