बांसवाड़ा: आदिवासी समाज का गौरवपूर्ण इतिहास प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री

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बांसवाड़ा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र के ( tribal areas of the Rajasthan ) महापुरूषों ने देश की आजादी तथा सामाजिक चेतना जागृत करने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस अंचल के गौरवपूर्ण इतिहास पर हम सभी को गर्व है। राज्य सरकार आदिवासी समाज क़े त्याग एवं बलिदान की गौरव गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा इस अंचल के विकास में कोई कमी नहीं रखेगी। श्री गहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बांसवाड़ा नगर परिषद परिसर में (Raja Bansia Bhil) भील राजा बांसिया की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानगढ़ धाम पर गोविन्द गुरू के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों आदिवासी भाई-बहनों ने देश के लिए जो शहादत दी, उसे कोई नहीं भूल सकता। मावजी महाराज की शिक्षाओं तथा नानाभाई खांट, कालीबाई, मामा बालेश्वर दयाल, भीखाभाई भील, हरिदेव जोशी, हरिभाऊ उपाध्याय सहित अन्य महापुरूषों के योगदान को हम सभी आज भी बड़े गर्व से याद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब भी हमारी सरकार बनी() आदिवासी समाज को केन्द्र में रखकर फैसले किए गए। उसी का परिणाम है कि यह क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, चिकित्सा सहित अन्य क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बांसवाड़ा में इंजीनियरिंग कॉलेज एवं गोविन्द गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय, डूंगरपुर में मेडिकल कॉलेज जैसी उच्च शिक्षण संस्थाएं स्थापित की गईं। हम यहां के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं।

श्री गहलोत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू एवं स्व. राजीव गांधी का आदिवासी भाइयों से आत्मीय जुड़ाव रहा। उन्होंने आदिवासी समाज के सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्थान के लिए कई कदम उठाए। मनरेगा योजना का बड़ा लाभ इस क्षेत्र को मिला है। सिंचाई परियोजनाओं की दिशा में इस क्षेत्र में काफी काम हुआ है। डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल परियोजना के लिए हमारी पिछली सरकार के समय कदम उठाया गया, लेकिन दुर्र्भाग्य से यह काम आगे नहीं बढ़ सका। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मैंने इस परियोजना पर काम शुरू करने के लिए आग्रह किया है ताकि यह आदिवासी क्षेत्र रेल माध्यम से जुड़ सके।

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि भील राजा बांसिया की प्रतिमा से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा में 320 करोड़ रूपए से पेयजल एवं सीवरेज की महत्वाकांक्षी योजना पर जल्द काम शुरू किया जा रहा है। इसका लाभ यहां की करीब एक लाख की आबादी को मिलेगा।

जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि टीएसपी क्षेत्र के युवाओं को कोचिंग तथा शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा के संस्थापक राजा बांसिया की प्रतिमा के साथ-साथ समाई माता पहाड़ी क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है।

सांसद कनकमल कटारा, विधायक हरेन्द्र निनामा, कैलाश मीणा, रमिला खड़िया, जिला प्रमुख रेशम मालवीय तथा नगर परिषद सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव जनजातीय क्षेत्र विकास श्री शिखर अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव भवानी सिंह देथा ने स्वागत उदबोधन दिया।

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