राजस्थान : मुख्यमंत्री ने स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की

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Chief Minister reviews situation of swine flu in Rajasthan
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यालय में राज्य में स्वाइन फ्लू की स्थिति एवं रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और बारां जिलों में स्वाइन फ्लू के अधिक केसेज सामने आने पर इन जिलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी ने जयपुर में स्वाइन फ्लू की स्थिति एवं इसके रोकथाम के लिए तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसएमएस अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच एवं इलाज की सुचारू व्यवस्था 24 घण्टे उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने सर्दी के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रदेश के सभी अस्पतालों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक मेडिकल स्टाफ भी आवश्यक रूप से उपस्थित रहे।
श्री गहलोत ने स्वाइन फ्लू की रोकथाम और इसके प्रति जागरूकता के लिए गांव के स्तर तक अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों तथा शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूकता एवं जनचेतना बढ़ाई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से अधिक संख्या में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं, वहां एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर से विशेषज्ञों की टीम अन्य मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में जाएंगी तथा स्वास्थ्यकर्मियों के साथ समुचित इलाज और रोकथाम के लिए समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षणों और रोकथाम के विषय में प्रोटोकॉल सामान्य एवं सरल भाषा में तैयार किए जाएं तथा उनका अधिक से अधिक प्रचार किया जाए।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने स्वाइन फ्लू नियत्रंण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर स्थापित नियत्रंण कक्षों को सतर्क रहने और प्रभावी रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चे स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक सशक्त माध्यम हो सकते हैं। उन्होंने जागरूकता के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों से स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थाओं के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस बीमारी के प्रति जागृति फैलाने पर जोर दिया।
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सोमवार को प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, अस्पतालों के अधीक्षक, जिला अस्पतालों के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी एवं जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्वाइन फ्लू की स्थिति, जांच और इलाज की मॉनिटरिंग, दवाओं की उपलब्धता और घर-घर सर्वेक्षण अभियान आदि की समीक्षा की जाएगी।
मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वाइन फ्लू के रोगियों की जांच और समुचित इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जाए। बैठक में सचिव चिकित्सा शिक्षा हेमन्त गेरा, विशिष्ट सचिव चिकित्सा-स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. समित शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग और एसएमएस अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
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