Vajra Prahar 2018 : आतंकवाद से निटपने में सार्थक होगा वज्र प्रहार2018 युद्वाभ्यास

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बीकानेर। भारत-पाकिस्तान अंर्तराष्ट्रीय सीमा के पास महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहे भारत-अमेरिका के संयुक्त युद्वाभ्यास वज्र प्रहार 2018 के अंतिम चरण में दोनों देशों की सेनाअेंा ने बढ़ते आंतकवाद पर अब तक किये गए अभ्यास का प्रदर्शन दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों को ध्वस्त कर किया। 19 नवंबर से शुरु हुए युद्वाभ्यास वज्र का समापन रविवार को समारोहपूर्वक हेागा। जिसमें दोनेां देशों के सैन्य अधिकारी व जवान शामिल होेंगे।

भारत-अमेरिका संयुक्त युद्वाभ्यास वज्र प्रहार
रक्षा प्रवक्ता कर्नल संवित घोष ने बताया कि दुनियंाभर में बढ़ रहे आंतकवाद से निपटने के लिए तकनीक और हथियार का सामंजस्य बेहतर बनाने के लिए वज्र प्रहार जैसे अभ्यास समय समय पर होते रहते है। जिसमें दुनियंा की बेहतरीन तकनीक और हथियार के अभ्यास के अनुभव को सेमी डेजर्ट व ग्रामीण इलाकेंा में कराया जाता है। जिससे दोनेां देशों की सेनाअेां की ताकत बढ़ती है आपस में सामजंस्य बढ़ता है। इसके साथ ही युद्वाभ्यास मेंभारतीय व अमेरिकी सैनिकों ने अत्याधुनिक तथा उच्च तकनीक पर आधारित रणकौशल का प्रदर्शन किया। दोनों देशों के सैन्यकर्मियों ने अत्याध्ुानिक हथियारों का प्रदर्शन और संचालन की तकनीक एक दूसरे से साझा की।

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घोष ने बताया कि इस तरह के संयुक्त युद्धाभ्यास दोनों देशों के आपसी सैन्य सहयोग, सेना के विशेष बलों की रणनीतियों का पारस्परिक आदान-प्रदान करने, सशस्त्र बलों की क्रियाशीलता बढ़ाने तथा वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से निपटने के उद्देश्य से भी किये जाते है।World News : Indo –US joint Exercise Vajra Prahar 2018 complete in rajasthan
उन्होने बताया कि यूनाईटेड नेशनंस के तहत सीआईसीपी में इस तरह के संयुक्त अभ्यास शामिल है। ‘वज्र प्रहार’ भारत-अमेरिकी विशेष बल का एक संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास है, जो दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है।
अब तक के सैनिक युद्धाभ्यास में जमीनी जंग में माहिर भारत और हवाई हमलों में महारत रखने वाले अमेरिका के सैन्य विशेषज्ञों और जांबाजों ने रणकौशल की उच्च तकनीक साझा की। साथ ही दोनों देशों के सैनिकों ने काउंटर इंसरजेंसी एवं काउंटर आतंकवाद थीम पर ऑपरेशन के जरिए अपनी सैन्य क्षमता का बखूबी प्रदर्शन भी किया। वंही दोनेां देशों के जवानेां व अधिकारियेां ने येाग किया और कई तरह से खेलों का भी आनंद लिया। युद्वाभ्यास में कई तरह के खेल भी शामिल होते है, जिससे एकाग्रता और आपसी सांमजस्य को और मजबूत होता है।

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उन्होने बताया कि इस युद्वाभ्यास में एक किलोमीटर मारक क्षमता वाली स्नाइपर राइफल, धु्रव हैलीकाप्टर इत्यादि का भी इस्तेमाल किया गया। आंतकवाद से निपटने में सेना के हैलीकाप्टर की बेहद अह्म भुमिका हेाती है, इससे वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से जल्द पहुंचकर दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त कर सकतें है। वंही राशन व युद्वक सामग्री को भी इससे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में भी इसकी मदद ली जाती है।
इस अभ्यास में भारतीय सेना के दक्षिणी-पश्चिमी कमान की तृतीय कोर रेजीमेन्ट के 45 सदस्यों का विशेष दल और संयुक्त राज्य अमेरिका प्रशांत कमांड के विशेष बल समूह के दो अधिकारी और दस जवानों ने संयुक्त युद्धाभ्यास शुरु किया था।
गौरतलब है कि इससे पहले वज्र प्रहार युद्धाभ्यास मार्च-2017 में जोधुपर, राजस्थान में, इसके बाद जनवरी-2018 में भारत एवं संयुक्त राज्य अमरीका की सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास वज्र प्रहार अमरीका में संयुक्त बेस लेविस मैकॉर्ड, सिएटल में आयोजित हुआ था। वर्ष 2012 से 2015 तक यह युद्धाभ्यास आयोजित नहीं हो पाया।

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