जालोर में राहत एवं बचाव कार्य जोर-शोर से जारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर और नावों से पहुंचाई खाद्य सामग्री

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जालोर /जयपुर। जालोर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जोर-शोर से जारी रहे। सुबह से ही पूरा जिला प्रशासन राहत पहुंचाने में मुस्तैद रहा। प्रभावित क्षेत्रों में करीब चार टन खाद्य सामग्री पहुंचाई गई। जिला प्रभारी सचिव कुंजीलाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्टेट डिजास्टर एक्शन फोर्स बीएल सोनी तथा जिला कलेक्टर एलएन सोनी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जायजा लिया।
जिला कलेक्टर श्री सोनी ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से खाद्य सामग्री एवं अन्य अति आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई गई। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर से दो राउण्ड कर चितलवाना, खेजड़ियाली, आकुड़िया, रणोदर, रणखार, बाकासर सहित अन्य गांवों में भोजन के पैकेट, आटा, बिस्किट, पानी की बोतलें तथा खाद्य तेल सहित करीब चार टन खाद्य सामग्री और कम्बल पहुंचाए गए।

श्री सोनी ने बताया कि टापुओं पर अटके हुए लोगों के लिए भी एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ द्वारा नावों के माध्यम से राशन सामग्री पहुंचाई गई है। कुछ गांवों में सड़क मार्ग से भी खाद्य एवं अन्य सामग्री पहुंचाई गई।
मेडिकल टीमें पहुंचीं
जिला कलेक्टर ने बताया कि राज्य स्तरीय मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गई हैं और काम शुरू कर दिया है। प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो मेडिकल टीम तथा चितलवाना में तीन टीम भेजी गई हैं। जालोर के गांवों में एंटी लार्वा गतिविधियां भी करवाई जा रही हैं ताकि मौसमी बीमारियों से बचाव हो सके। साथ ही चिकित्सा केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू

श्री सोनी ने बताया कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू करने के लिए भी टीमें जुटी हुई हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के 33 केवी के 232 में से 209 जीएसएस की बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई है तथा 13 जीएसएस की विद्युत आपूर्ति अन्य स्रोत से चालू कर दी गई है। शेष 10 जीएसएस की विद्युत आपूर्ति शीघ्र चालू करने के प्रयास जारी हैं। जालोर, भीनमाल तथा जसवंतपुरा में विद्युत व्यवस्था बहाल हो गई है। रानीवाड़ा क्षेत्र में 95 में से 85 गांव, सांचोर में 124 में से 104, बागोड़ा में 49 में से 42 तथा चितलवाना में 154 में से 124 गांवों की बिजली व्यवस्था सुचारू हो गई है।
प्रभारी सचिव ने की राहत कार्यों की समीक्षा

प्रभारी सचिव कुंजीलाल मीणा ने चितलवाना उपखण्ड में अधिकारियों की बैठक लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी तरह मुस्तैद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दें ताकि लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।
श्री मीणा ने बिजली, सार्वजनिक निर्माण, जलदाय तथा चिकित्सा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से अब तक किए गए राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की और जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लोगों को त्वरित राहत पहुंचाएं।
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