प्रदेश में ’चिकित्सा महाबंद’ के हालात बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व अमानवीय

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जनहित में मुख्यमंत्री डाॅक्टरों से खुद मिले – डूडी
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा है कि प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज के बिना मर रहे हैं। हजारांें आॅपरेशन टल गये हैं और मरीजों को तत्काल उपचार भी नहीं मिल रहा है।

प्रदेश में स्वाइन फ्लू का कहर फिर बरप रहा है। ऐसे नाजुक हालात में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपनी हठधर्मिता त्याग कर हड़ताली डाॅक्टरों से खुद बात करे और हड़ताल खत्म कराये। डूडी ने कहा कि डाॅक्टर हड़ताल खत्म कराना चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ के बूते की बात नहीं है क्योंकि चिकित्सा मंत्री अपने विभाग के प्रति संजीदा नहीं है।
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नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा है कि सोमवार, 25 दिसंबर से निजी अस्पतालों के डाॅक्टर भी हड़ताल में शामिल हो जायेंगे। डाॅक्टरों ने जिस तरह प्रदेश में ’चिकित्सा महाबंद’ की चेतावनी दी है, इससे प्रदेश के करोड़ों लोग प्रभावित होंगे। डूडी ने कहा कि राजस्थान की जनसंख्या आठ करोड़ से अधिक है और यहां अधिकांश आबादी ग्रामीण व गरीब वर्ग की है। यदि प्रदेश में ’चिकित्सा महाबंद’ जैसे दुर्भाग्यपूर्ण हालात पैदा हुए तो हाहाकार की नौबत आ जाएगी क्योंकि राजस्थान जैसे बड़े प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र का आधारभूत ढ़ांचा पहले ही बहुत कमजोर है।

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डूडी ने कहा कि यह बात हड़ताली डाॅक्टरों को भी समझनी चाहिए कि ’चिकित्सा महाबंद’ जैसी स्थितियां अमानवीय हैं। इसलिए सरकार और हड़ताली डाॅक्टर दोनों पक्ष जनहित में तत्काल हड़ताल खत्म करने का स्थायी समाधान निकाले।

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