डॉ बिस्सा की दो पुस्तकों ‘कॉर्पोरेट कबड्डी’ और ‘व्यक्तित्व नवसृजन सूत्र’ का विमोचन

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सेल्फ मैनेजमेंट ही वास्तविक मैनेजमेंटः प्रो. पुरोहित
बीकानेर। मैनेंजमेंट ट्रेनर डॉ गौरव बिस्सा की दो पुस्तकों ‘कॉर्पोरेट कबड्डी’ और ‘व्यक्तित्व नवसृजन सूत्र’ का लोकार्पण रोटरी क्लब के सभागार में हुआ।
   इस अवसर पर महर्षि दयान्द सरस्वती यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. दाऊ नारायण पुरोहित  ने कहा कि स्वयं को उत्तम ढंग से मैनेज करना ही वास्तविक मैनेजमेंट है। उन्होंने कहा कि यदि कॉर्पोरेट जगत में श्रेष्ठ ढंग से कार्य करना हो तो यह आवश्यक है कि व्यक्ति भावनाओं पर नियंत्रण रखे, कमर्चारियों के साथ प्रेम पूर्ण सम्बन्ध स्थापित करे और नित्य प्रति नया सीखने हेतु तत्पर रहे। उन्होंने कहा कि डॉ बिस्सा की पुस्तक कॉर्पोरेट कबड्डी बॉस मैनेजमेंट, कार्यालयी राजनीति, तनाव का मैनेजमेंट, शक्ति के नियमों, चापलूसों का मैनेजमेंट आदि सिद्धांत सिखाती है। प्रो. पुरोहित ने डॉ बिस्सा की दूसरी पुस्तक व्यक्तित्त्व नवसृजन सूत्र के विषय में कहा कि पुस्तक अंतर्मन की अद्भुत शक्ति, सकारात्मक सोच, परिवारों में जीने की कला, समय प्रबंधन, जीवन जीने की कला को श्रेष्ठ ढंग से समझाती है।
पुस्तकों के लेखक डॉ गौरव बिस्सा ने कहा कि पुस्तकें यथार्थ का चित्रण करती हैं, सिर्फ सिद्धांतों का नहीं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पुस्तक के प्रत्येक पाठ में एक कथा का होना, पाठ का छोटा होना, शिक्षा देना और सरलतम भाषा में सिखाना ही इन पुस्तकों को अन्यों से विशिष्ट बनाता है। डॉ. बिस्सा ने पुस्तकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तक कॉर्पोरेट कबड्डी स्वयं को कॉर्पोरेट जगत में लायक बनाने, तनाव को मिटाने, बॉस के साथ प्रेमपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने और कार्यालयों की राजनीति से बचने के विषय में चर्चा करती है। वरिष्ठ साहित्यकार भवानी शंकर व्यास ‘विनोद’ ने कहा कि ‘व्यक्तित्त्व नवसृजन सूत्र’ में व्यक्तित्व के समग्र सिद्धांतों, शरीर, बॉडी लैंग्वेज, कम्युनिकेशन, नैतिक मूल्यों आदि से सम्बंधित विचारोत्तेजक लेख हैं। उन्होंने बीकानेर शहर की अपणायत और जीवंत संस्कृति को जीवन में धारण करने की बात कहते हुए बताया कि बीकानेर की गंगा जमनी तहजीब व्यक्ति के व्यक्तित्व का स्वतः निर्माण करती है।
डीआरडीओ के पूर्व निदेशक तथा प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. हनुमान प्रसाद व्यास ने कहा कि डॉ बिस्सा की पुस्तक सरल उदाहरणों, लघु कथाओं और सामान्य घरेलु किस्सों को केंद्र में रख कर मैनेजमेंट के गूढ सिद्धांत सामान्य जन तक पहुंचाती है। प्रो. व्यास ने कहा कि यही नवाचार समय की मांग है। उन्होंने डॉ बिस्सा की पुस्तकों में भारतीय प्रबंध प्रणाली से जुड़ाव होने को आकर्षक बताया। प्रो. व्यास ने कहा कि स्वयं को राष्ट्र और समाज के लिये तैयार करना ही व्यक्ति के जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।
कलासन प्रकाशन के निदेशक मनमोहन कल्याणी ने कहा कि प्रोफेशनल्स और विद्यार्थी जगत हेतु  हिंदी भाषा में लिखी ये पुस्तकें व्यक्तित्व के मूलभूत अवयवों और सामान्य व्यवहार के दौरान ध्यान रखने योग्य गुणों यथा सम्प्रेषण, विचार की गहराई और बॉडी लैंग्वेज का विस्तार से वर्णन करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स की व्यक्तित्व विकास विषयक पुस्तक की खोज इन्हीं दो पुस्तकों पर आकर समाप्त होती है।
व्यक्तित्व नवसृजन सूत्र पुस्तक की समीक्षा करते हुए सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी हरि शंकर आचार्य ने कहा कि पुस्तक लौकिक जगत के साथ अलौकिक चेतना जागृति करती है। सरल भाषा, आध्यात्मिक विचार, व्यक्तित्व की भारतीय परिभाषा, जीवन के संघर्ष का उत्तम वर्णन पुस्तक में है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद व्यक्ति में जोश, ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार होता है। कॉर्पोरेट कबड्डी का विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बाफना अकेडमी की सीईओ डॉ. परमजीत सिंह वोहरा ने कहा कि मैनेजमेंट में निर्णय लेने की कला, अधीनस्थों का मैनेजमेंट, बॉस के विविध रूप और विपरीत परिस्थितियों में यदि मैनेजमेंट सीखना हो तो कॉर्पोरेट कबड्डी पुस्तक पढ़ना श्रेयस्कर है।
इसमें कॉर्पोरेट मैनेजमेंट, लीडरशिप, टीम निर्माण, विवादों को हल करना आदि विषयों को बहुत कम शब्दों में गंभीरता से समझाया गया है। इस अवसर पर अजीत फाउंडेशन के समन्वयक संजय श्रीमाली तथा कार्यक्रम संचालक डॉ. जयप्रकाश राजपुरोहित का सम्मान किया गया। स्वामी केशवानंद विश्वविद्यालय के विपिन लड्ढा ने स्वागत उदबोधन दिया और इंजीनियरिंग व्याख्याता मो. युनुस शेख ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर साहित्यकार संजू श्रीमाली ने डॉ बिस्सा का अभिनन्दन किया। वरिष्ठ पत्रकार अनुराग हर्ष ने पुस्तकों के संबंध में अपनी टिप्पणी की तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को अपने विषय से संबंधित लेखन का आह्वान किया।
इनका रहा सानिध्य-

इस कार्यक्रम में रोटेरियन आनंद आचार्य, प्रो. एच के पाण्डेय, रंगकर्मी राम सहाय हर्ष, बेसिक कॉलेज के अमित व्यास, प्रणव कल्ला, डॉ. एस एन हर्ष, कवयित्री बसंती हर्ष, ज्ञानोदय कॉलेज के डॉ रमेश सोनी, समाजसेवी मगन चांडक, पर्वतारोही मगन बिस्सा, डॉ. सुषमा बिस्सा, पशुविज्ञान विश्वविद्यालय के डीन प्रो. त्रिभुवन शर्मा, पूर्व डीन डॉ बी के बेनीवाल, रोटेरियन अरुण प्रकाश गुप्ता, सीए मनोज सिपानी, सीए हीरालाल तिवाडी, डॉ. अविनाश कल्ला, डॉ. प्रीति कल्ला, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ एन के सोनी, डॉ. अजय जोशी, डूंगर कॉलेज के उपप्राचार्य डॉ. सतीश कौशिक, डॉ. बी एल शर्मा, साहित्यकार मालचंद तिवारी, डॉ. उषा किरण सोनी, हरीश बी शर्मा, ओटीएस के शिशिर चतुर्वेदी आदि गणमान्यजन उपस्थित रहे।IRCTC से आधार लिंक करने पर अब पाएं 10,000 रुपए कैश और फ्री में रेल टिकट

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