भामाशाह योजना : 408 करोड़ रुपये से अधिक राशि पहुंची सीधे लाभांवितों के खातों में

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भामाशाह योजना ने महिला सशक्तीकरण को दिया बढ़ावा
-हरि शंकर आचार्य

बीकानेर। महिला सशक्तीकरण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुंधरा राजे की संवेदनशील पहल पर भामाशाह योजना का शुभारम्भ 15 अगस्त 2014 को हुआ। इस योजना के तहत महिला को न सिर्फ परिवार की मुखिया बनाया गया, बल्कि उनके नाम पर परिवार का बैंक खाता खोला गया। इसके बाद परिवार को मिलने वाले सभी सरकारी नकद लाभ सरकार सीधा इसी खाते में दे रही है।

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इस योजना के तहत अब तक 1 जुलाई 2016 की अनुमानित जनसंख्या के विरूद्ध बीकानेर जिले में अब तक 19 लाख 12 हजार 330 लोगों का नामांकन करवाया जा चुका है। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के साथ 94.41, मनरेगा के साथ 74.09 तथा पीडीएस के साथ 96.87 प्रतिशत सीडिंग करवाई जा चुकी है। भामाशाह योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ तय तिथि तक सीधे उपलब्ध करवाने के लिए जिले में 18 स्थानीय सेवा प्रदाता, 267 पे पाइंट तथा 293 बैंक बी.सी. कार्यरत हैं। आमजन की सुविधा के लिए जिले में 133 माइक्रो एटीएम भी कार्यरत हैं। जिले में 34 आधार मशीनों के माध्यम से आधार पंजीयन हो रहा है। अब तक 23 लाख 19 हजार 298 लोगों का आधार पंजीयन करवा दिया गया है।

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4 लाख 81 हजार से अधिक परिवारों को मिले भामाशाह कार्ड
जिले में अब तक 5 लाख 18 हजार 446 भामाशाह कार्ड पोर्टल पर प्राप्त हुए। इनमें से 4 लाख 81 हजार 866 कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। क्षेत्रावार गौर करें तो बीकानेर शहर में 87 हजार 492, देशनोक में 2 हजार 98, नोखा में 11 हजार 760 तथा श्रीडूंगरगढ़ में 10 हजार 515 भामाशाह कार्ड वितरित कर दिए गए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बीकानेर पंचायत समिति क्षेत्रा में 60 हजार 827, खाजूवाला में 52 हजार 900, कोलायत में 61 हजार 451, लूनकरनसर में 65 हजार 815, नोखा में 46 हजार 789, पांचू में 37 हजार 327 तथा श्रीडूंगरगढ़ में अब तक 44 हजार 892 कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।
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अब तक लाभार्थियों को मिले 408 करोड़ से अधिक
जिले में अब तक 99 लाख 29 हजार 303 ट्रांजेक्संस के माध्यम से 8 लाख 32 हजार 829 लाभार्थियों को 408.47 करोड़ रुपये का लाभ सीधा उनके बैंक खातों के माध्यम से पहुंचाया गया है। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 1 लाख 31 हजार 871, पीडीएस के तहत 3 लाख 28 हजार 120, मनरेगा के तहत 2 लाख 69 हजार 505, बीपीएल के तहत 60 हजार 42, जननी सुरक्षा योजना के तहत 19 हजार 727, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 16 हजार 488 लाभार्थी प्रमुख हैं।
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इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लाभार्थी के खाते में राशि लेन-देन की सूचना मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से मिल जाती है। इस योजना के तहत लाभार्थी को समय पर लाभ नहीं मिल पाने की समस्या से मुक्ति मिल गई है। एक ओर जहां भामाशाह योजना से सरकारी योजनाओं का पूरा नकद लाभ बिना देरी और बिना परेशानी सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओैर गैर नकद लाभ जैसे राशन वितरण भी अब बायोमेट्रिक पहचान द्वारा सीधे पात्रा व्यक्तियों को मिलने लगा है।
निःसंदेह राज्य सरकार द्वारा एक कल्याणकारी पहल करते हुए भामाशाह योजना का संचालन किया गया है। यह योजना महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई है, वहीं अब विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को बिचौलियों के चक्कर से मुक्ति मिल गई है। भामाशाह योजना ने अब तक करोड़ों प्रदेशवासियों के चेहरे की खोई मुस्कान लौटाई है, ऐसा कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगा।  (सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी,बीकानेर)

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