राजस्थान: भारी बरसात से बाढ़ के हालात, सामान्य जनजीवन ठप्प, सेना के जवान बने सहारा

जयपुर/जालौर/सिरोही/जोधपुर। राजस्थान में पिछले दो दिनेां से हो रही बरसात के आगामी 24 घंटों में जारी रहने की संभावना के मध्यनजर चेतावनी जारी की गई है। वंही कुछ जिलों में इस बरसात से नदी, नालों में जलस्तर बढ़ गया, जिससे सड़के, संचार, आवागमन की इन सुविधाअेंा पर भी विराम सा लगा हुआ है। इन इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए है। सरकार ने एहतियात के तौर पर सेना व एनडीआरफ को तैनात कर दिया है। वंही सायला, अहोर, अहोर – धनसा रोड़ सहित अनेक इलाकें से सेना ने रेस्क्यू आपरेशन चलाकर कई लोगांे की जान बचाई। सेना के जवान बोट व हेलीकाप्टर को भी रेस्क्यू में काम ले रहे है। सिरोही जिले के माउंटआबू में इस बार हुई बरसात ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां 24 घंटे में करीब 800 मिमी (32 इंच) बरसात आंकी गई है। यहां 1992 में 26 इंच बारिश हुई थी।
रक्षा प्रवक्ता लेफिटनेंट कर्नल मनीष ओझा ने बताया कि जालौर जिले में बरसात से हालात खराब हुए है, लेकिन सेना के अधिकारियेां व जवानेंा ने रेस्क्यू आपरेशन चलाकर ग्रामीणेंा की जान बचाई है। वंही जिन स्थानेां पर बरसात से बाढ़ के हालात पैदा हुए है वंहा पर सेना लगातार नजर रख रही है, सेना के जवान व अधिकारी पूरी तरह से इसकी मानिटरिंग कर रहे है। पाली का ढोला गांव 8 फीट पानी से घिरा, एनडीआरएफ व वायुसेना ने हेलिकॉप्टर से राहत कार्य में येागदान देकर ग्रामीणेंा की जान बचाई।
सिरोही जिले में भी तीन दिनों से करीब दौ सौ लोगों को रेस्क्यू कर निकाला गया। वंही बरसात से प्रभावित इलाकों में बिजली व परिवहन की सुविधओं को अभी तक बहाल नही किया गया है।
पाली जिले में प्रभारी मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने बाढ़ के हालात का जायजा लिया और अधिकारियेंा को हरसंभव मदद के लिए कहा है। बाढ़ से उपजे हालातेां पर नजर रखने को भी कहा गया है। यंहा के जवाई बांध में भी पानी भरना शुरु हेा गया है।

बरसात की तबाही और बाढ़ का मंजर देखे फोटे 

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