मौसमी बीमारियों की रोकथाम के पुख्ता इंतजाम किए जाएं :डॉ.धौलपुरिया

चिकित्सालयों को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र रखना करेें सुनिश्चित

बीकानेर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक (ग्रामीण स्वास्थ्य) डॉ. सत्यनारायण धौलपुरिया ने कहा कि स्वाइन फ््लू तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही स्वास्थ्य केन्द्रों व राजकीय-निजी चिकित्सालयों को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र रखना सुनिश्चित किया जाए। धौलपुरिया सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर राजकीय-निजी चिकित्सालयों को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है। चिकित्सा संस्थानों में इस सम्बन्ध में निर्धारित आकार व रंग के चेतावनी बोर्ड लगवाए जाएं। तम्बाकू का सेवन करते पाए जाने पर संस्थान प्रभारी, सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध शास्ति लगाएं। उन्होंने बताया कि आगामी 1 जून से तम्बाकू उत्पादों पर नया चेतावनी चिन्ह लगा होना चाहिए। पुराने चेतावनी चिन्ह लगे माल को जब्त कर सम्बन्धित विके्रता के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना वैध डिग्री वाले चिकित्सकों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।

संयुक्त निदेशक ने स्वाइन फ््लू रोकथाम सम्बन्धी की जा रही कार्यवाही की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि बीकानेर जोन में इस वर्ष अब तक स्वाइन फ््लू सम्बन्धी 290 सैम्पलों की जांच की गई है, जिनमें से 182 बीकानेर व 108 अन्य स्थानों के हैं। इनमें से 17 पॉजिटिव पाए गए, जिनमें 11 बीकानेर व 6 अन्य स्थानों के हैं। स्वाइन फ््लू से 4 मृत्यु हुई हैं, जिनमें 2 बीकानेर, 1 गंगानगर व 1 चूरू में हुई। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम की प्रगति जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि जनवरी माह से अब तक उल्टी-दस्त के 6 हजार 495 रोगी, पीलिया के 15, टाईफाईड के 291, खसरा के 49, डिप्थीरिया के 173, सर्पदंश के 65 व डॉग बाईट के 5 हजार 729 रोगियों का उपचार किया गया। पानी के 541 नमूनों की जांच की गई। अप्रेल माह से अब तक लू-तापघात के 7 रोगियों का उपचार किया गया। मलेरिया व डेंगू रोकथाम के तहत जिले में जनवरी से अब तक केवल 8 रोगी पाए गए, जबकि वर्ष 2015 में यह संख्या 413 व 2016 में 297 थी।

धौलपुरिया ने सभी बीसीएमओ को निर्देश दिए कि वे अद्यतन आंकड़ों के साथ प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें, इस दिशा में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क दवा व जांच की पुख्ता व्यवस्था रहे, साथ ही हाईरिस्क वाली गर्भवती महिलाओं का चिन्हीकरण पूर्ण सजगता से किया जाए। संयुक्त निदेशक ने इससे पूर्व सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ््लू लेब का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि यहां आवश्यकतानुसार स्टाफ नियुक्त किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ देवेन्द्र चौधरी, बीसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, डॉ. मनीष वर्मा, डॉ. पवन सारस्वत, एपीडिमोलोजिस्ट डॉ. नीलम प्रताप सिंह, ड्रग कन्ट्रोलर जितेन्द्र बोथरा उपस्थित थे।

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