ग्लोबल एडल्ड टोबेको सर्वे (गेट्स) सर्वे जारी: राजस्थान में तंबाकू सेवन में 7.6 प्रतिशत की कमी: रिपोर्ट

– गुरजंट धालीवाल
जयपुर। पिछले सात साल में राजस्थान में तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वालों में 7.6 प्रतिशत यानी 53 लाख 20 हजार लोगों की कमी आई है। यदि देशभर के सर्वे रिर्पोट का आंकलन करें तो पता चलता है कि भारत में तंबाकू जनित उत्पादों का उपभोग करने वालेां में 6 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि राजस्थान में यह आंकड़ा 7.6 प्रतिशत है।

विराट की हुई अनुष्का : शादी की तस्वीरें ट्विटर पर हुई शेयर

भले ही वर्ष 2009-10 के गेटस सर्वे के मुताबिक 15 से 17 वर्ष आयुवर्ग के किशोरों में तंबाकू सेवन में कमी दर्ज की गई हो लेकिन पान व मुंह में लगाने वाले तम्बाकू का उपयोग करने वालों की संख्या में हैरानीजनक बढोतरी हुई है। वहीं, वर्तमान में पान मसाला के साथ तंबाकू सेवन करने वाले लोगों में सर्वाधिक 4.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

ग्लोबल एडल्ड टोबेको सर्वे (गेट्स) सर्वे के दूसरे संस्करण की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 24.7 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, जिसमें 22.2 प्रतिशत पुरूष व 3.7 प्रतिशत महिलाएं और 13.2 प्रतिशत व्यस्क हैं।

दंगल गर्ल जायरा वसीम से छेड़छाड़: POSCO के तहत मामला दर्ज

वर्तमान में 22 प्रतिशत पुरूष, 5.8 प्रतिशत महिलाएं और 14.1 प्रतिशत व्यस्क धुम्ररहित तंबाकू सेवन कर रहे हैं। गेटस सर्वे के मुताबिक सिगरेट पीने वालों की संख्या में पिछले सात साल में कोई कमी नहीं आई है। प्रदेश में सिगरेट पीने वाले का प्रतिशत 2.8 प्रतिशत है जबकि बीडी पीने वालों का आंकडा 16 से घटकर 11.4 प्रतिशत रह गया।
इसी तरह पान के साथ तम्बाकू का सेवन करने वाले में 1.3 प्रतिशत से बढकर 4 फीसदी, खैनी का सेवन करने वालों में 7.3 से बढकर 8.2 प्रतिशत, मुंह में तंबाकू लगाने वाले में 1.6 की बजाय 4.7 प्रतिशत तथा पान मसाला के साथ तंबाकू सेवन करने वालों में 4.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

देश नारों से नहीं, हर व्यक्ति की भागीदारी से आगे बढ़ेगा -केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री

गौरतलब है कि प्रदेश में अगस्त से सितंबर-2016 तक टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान, मुंबई व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गेटस सर्वे कराया गया था। इस सर्वे में प्रदेशभर के 1499 पुरूषों व 1534 महिलाओं को शामिल किया गया। जबकि देशभर में 75750 पुरूषों एवं 40 हजार 750 महिलाओं को इसमें शामिल किया गया था।
प्रतिमाह सिगरेट, बीडी पर बढा खर्च
राज्य में सिगरेट व बीड़ी के प्रतिमाह होने वाले खर्च में भी बढोतरी हुई है। गेटस की वर्ष 2009-10 की रिपोर्ट के मुताबिक सिगरेट पीने वाला व्यक्ति प्रतिमाह 570.50 रूपए खर्च करता था, वहीं वर्ष 2017 में बढकर 835 रूपए प्रतिमाह हो गया है। जबकि बीड़ी पर 247.30 रूपए प्रतिमाह खर्च कर रहा था जो कि अब बढकर 423.40 रूपए हो गया है।
गांवों में बढा तंबाकू का चलन

सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय करेगा एप

गेटस सर्वे, राजस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सात साल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या में बढोतरी हुई है। जहां शहरी क्षेत्र में 19.1 प्रतिशत लोग तंबाकू उत्पादों का उपभोग करते हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में 26.8 प्रतिशत लोग इनका सेवन करते हैं। इसमें 16 फीसदी ग्रामीण लोग धुम्रपान के आदी हैं। वहीं, शहरों में चबाने वाले तंबाकू का सर्वाधिक उपयोग होता है। रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में बीड़ी 19.7 प्रतिशत, गुटखा 14.6 प्रतिशत व खैनी का उपयोग 14.5 प्रतिषत पुरूष इसका सेवन करतें है, वंही 3.1 प्रतिशत गुटका, 2.8 प्रतिशत महिलाएं बीडी का सेवन करती है।
तंबाकू पीड़ितों ने जतायी पीड़ा
इस दौरान वाॅयस आॅफ टोबेको विक्टिम के स्टैट पैटर्न डाॅ. पवन सिंघल ने तंबाकू के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि तंबाकू के सेवन से प्रदेश में मुंह व गले कैंसर रोगियों की संख्या अधिक है। इस दौरान कोटा व अलवर के युवा कैंसर रोगियों ने अपनी पीड़ा जाहिर की। इस दौरान उहोने बताया कि किस तरह से उनकी जिंदगी में तंबाकू सेवन से जहर घुला है। उन्होने आम लोगों से आव्हान किया कि कोई भी ऐसे जहरीली उत्पादों का प्रयोग नही करें, खासतौर पर युवा पीढ़ी को इसमें संभलने की आवश्यकता है।
तंबाकू नियंत्रण के सीखेंगे गुर
देशभर में तंबाकू नियंत्रण की दिशा में हुए सकारात्मक कार्यों के बेहतरीन परिणाम का ही नतीजा है कि अब अन्य देश भी भारत की नीति को अपनाने जा रहे हैं। जिसके चलते भारत सहित नौ देशों के 11 सदस्य तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। इसी कड़ी में गेटस सर्वे रिपोर्ट जारी करने के कार्यक्रम में घाना, ईराक, अफगानिस्तान, उरूग्वे, फिजी, घाम्बिया, सुरिनाम के प्रतिनिधियों ने गेटस सर्वे के मुताबिक तंबाकू नियंत्रण की दिशा में राजस्थान में आए बदलाव की जानकारी ली।
स्वास्थ्य मंत्री ने माना प्रदेश में तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध असंभव
प्रदेश में तंबाकू उत्पादों की बिक्री व उत्पादन पर प्रतिबंध लगाना असंभव है। किसी एक राज्य में प्रतिबंधित करने से उसमें तस्करी की आशंका बढ जाती है।

मोबाइल उपभोक्ता इस तरह से आधार से लिंक करें अपना मोबाइल नंबर

यह बात प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने गेटस सर्वे की रिपोर्ट जारी करने के पश्चात कही। उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाली बीमारियों पर राज्य सरकार का करीब 1160 करोड. रूपए सालाना खर्च है जबकि इनकी बिक्री से टैक्स के रूप में आधी राशि भी नहीं प्राप्त होती है। सराफ ने कहा कि आमजन में हुक्का, चिलम को लेकर ऐसी सामाजिक मान्यताएं हैं कि इनसे किसी तरह का नुकसान नहीं होता है जबकि तंबाकू का उपयोग किसी भी रूप में हो वह नुकसानदायक होता है। यदि देशभर में तंबाकू के उत्पादन पर रोक लगे तो इससे निजात मिल सकती है।

मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान को याद रखेंगी भावी पीढ़ियां-डाॅ.रामप्रताप

विमान में दंगल गर्ल जायरा वसीम से हुई छेड़छाड़, इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड कर शेयर किया दर्द

पाइए हर खबर अपने फेसबुक पर।   likeकीजिए  hellorajasthan का Facebook पेज।