युद्वाभ्यास गगनशक्ति 2018: रेतीले धोरों में गरजा स्वदेशी तेजस

0

पोकरण(जैसलमेर)। भारत – पाकिस्तान अंर्तराष्ट्रीय सीमा के पास रेतीले धोरों के बीच स्वदेशी तेजस ने जंहा अपनी ताकत दिखाई वंही भारतीय सेना के जांबाज युद्वाभ्यास गगनशक्ति 2018 में अपने साहस व शोर्य को नया रुप दे रहें है। 10 अप्रेल से शुरु हुए इस युद्वाभ्यास का समापन 23 अप्रेल को हेागा। इसमें भारतीय सेना की तीनों सेना के जाबांज व साजों सामान शामिल है। युद्वाभ्यास के कारण पूरे रेगिस्तानी इलाके में रात को बमों व लड़ाकू विमानों के उड़ने की आवाजेां से पूरा आकाश चमक उठता है। एयर फोर्स के 300 से ज्यादा अधिकारी व 1500 से ज्यादा एयरमेन भी इसमें भाग ले रहें है।
गगनशक्ति युद्वाभ्यास में शनिवार रात वायुसेना व भारतीय सेना की पैराशूट ब्रिगेड के 560 जाबांजो ने रात के अंधेरे में रेतीले धोंरो पर उतरकर अपनी कार्यक्षमता को दिखाया। रात के अंधेरे में युद्वस्थल तक उपकरण सहित अन्य युद्वक सामग्री को ले जाने का भी अभ्यास किया गया।

एयर इंडिया का शानदार आॅफर: बुजुर्गों को आधे किराये में कराएगा हवाई सफर
सेना के सूत्र बतातें है कि इस युद्वाभ्यास में स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस सहित अन्य उपकरणेां का भी इस युद्धाभ्यास में शामिल किया गया है। वंही तेजस से नजदीकी लड़ाई के लिए भी अभ्यास किया जा रहा है। तेजस में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। एयरफोर्स के हवाई सपॉर्ट, नेटवर्क सेंट्रिंक वारफेयर, हमले और जवाबी हमले आदि का अभ्यास के अंदर परीक्षण किया जा रहा है। तेजस के अलावा इस युद्धाभ्यास में सुखाई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-27, हॉक और मिराज 2000 समेत कुल 1100 फाइटर प्लेन हिस्सा ले रहे हैं। परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर, सी-130 सुपर हरक्यूलिस और अटैक हेलिकॉप्टर एमआई-35, एमआई-17, धु्रव भी इस युद्धाभ्यास का हिस्सा हैं। प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तान को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।
सूत्र बतातें है कि यह युद्धाभ्यास 20 हजार फीट की ऊंचाई से लेकर गर्म रेगिस्तान और समुद्री हालात में भी किया जाएगा। एयर फोर्स की सभी फायरिंग रेंज का इस युद्वाभ्यास में इस्तेमाल हो रहा है। वायु सेना के जेट अलग-अलग तरह के ग्राउंड पर उतरेंगे। युद्ध के समय तीनों सेनाएं मिलकर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दे सकें, इसके लिए इस बड़े अभ्यास में सेना और नौसेना भी शामिल हैं।
एयर कॉम्बैट ऑपरेशंस के दौरान गुजरात के भुज से एयरक्राफ्ट असम की ओर उड़ेंगे और बमबारी करेंगे वंही आसाम से एयरक्राफ्ट रेगिस्तान की ओर उड़कर बमबारी करेंगे। इसके साथ ही सैनिकों की टुकड़ी और सैन्य साजो सामान का इंटर-वैली ट्रांसफर भी होगा। इस युद्वाभ्यास से सेनाअेां की जमीनी व हवाई ताकत में वृद्वि होगी वंही आपसी सामंजस्य में बदलाव आएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, ट्रेनों में मिलने वाले खाद्य पदार्थो पर घटा जीएसटी

IRCTC से आधार लिंक करने पर अब पाएं 10,000 रुपए कैश और फ्री में रेल टिकट

पाइए हर खबर अपने फेसबुक पर।  Like कीजिए  hellorajasthan का Facebook पेज

Leave a Reply