अनंतनाग में आतंकी हमला, 7 अमरनाथ यात्रियों की मौत

modअनंतनाग। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बटेंगू में आतंकवादियों ने अमरनाथ यात्रा से लौट रही एक बस पर हमला कर दिया जिसमें 7 अमरनाथ यात्रियों की मौत हो गई और कई अन्य यात्री घायल हो गए। मरने वालो में 5 महिलाएं भी शामिल हैं। इस हमले में घायल हुए यात्रियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले के बाद जम्मू हाइवे पर यातायात रोक दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले की पुष्टि कर दी है। आतंकवादियों ने तीन अलग-अलग स्थानों पर अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनया। अनंतनाग के पास बटेंगू में यात्रियों से भरी बस पर अतंकियों ने फायरिंग कर दी। हमला करने के बाद आतंकी फरार हो गए और सुरक्षाबलों ने उनकी तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया है। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है। गौरतलब है कि इंटेलीजेंस ने पहले ही अमरनाथ यात्रियों पर हमले का अलर्ट जारी किया था।
पिछले महीने किया था अलर्ट
26 जून 2017 को कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक ने एक बेहद गोपनीय चिट्ठी के बारे में बताते हुए अलर्ट किया था। इस चिट्ठी में कहा गया था कि आतंकवादियों ने अमरनाथ की यात्रा में विघ्न पैदा करने की फिराक में है। वे यात्रियों पर हमला कर कम से कम 100-150 लोगों को हताहत करना चाहते हैं। इस चिट्ठी में पुलिस के जवानों-अफसरों को भी बड़े पैमाने पर निशाना बनाने की बात की गई है। चिट्ठी में कहा गया था कि ऐसे हमले से देशभर में सांप्रदायिक दंगे शुरू हो जाएंगे और इससे देश विरोधी तत्वों को फायदा होगा।
जम्मू कश्मीर के आईजी ने बताया कि बटेंगू में फायरिंग हुई। हमला सुरक्षाबलों पर था ना कि यात्रियों पर। फायरिंग जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हुई जिसके चलते अमरनाथ यात्रियों की एक बस भी चपेट में आ गई। हमले में सुरक्षबलों के तीन जवान भी घायल हुए हैं। आतंकवादियों ने जिस बस पर हमला किया वो ना तो काफिले का हिस्सा थी और ना ही श्राइन बोर्ड में रजिस्टर्ड थी। इस बस को किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं थी। बता दें कि अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले वाहनों श्राइन बोर्ड में रजिस्टर्ड कराया जाता है और ये वाहन सुरक्षाबलों के घेरे में जाते हैं।
अमरनाथ यात्रियों पर पहले भी हमले
1 अगस्त 2000 को आतंकियों ने पहलगाम में बेस कैंप पर हमला किया था जिसमें श्रद्धालु और स्थानीय लोग समेत 30 लोग मारे गए थे।
23 जुलाई2001 को अमरनाथ यात्रियों के शिविर पर हमले में 13 श्रद्धालु और पुलिसकर्मी मारे गए।
30 जुलाई 2002 को दो अमरनाथ यात्री ग्रेनेड हमले में मारे गए।
6 अगस्त 2002 को पहलगाम के लिद्दर में एक शिविर पर लश्कर के आंतकी हमले में 10 श्रद्धालु मारे गए।
29, जुलाई 2015 अनंतनाग में यात्रा मार्ग पर ग्रेनेड फटा, कई यात्री घायल हुए थे।
13 जुलाई 2016 को अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद यात्रा रोकी गई।

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