किसानों का महापड़ाव: स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों सहित विभिन्न मांगेां को लेकर किसानों आक्रोश जारी

सीकर सहित छह जिलों में चक्का जाम, विरोध के बीच बाजार में कृषि जिंसों की बोली नही
बीकानेर/सीकर। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और किसानों के कर्जमाफी की मांग को लेकर किसानों का महापडाव आज 11 वे दिन भी जारी रहा और किसान सभा के आह्वान पर झुंझनू, सीकर इत्यादि में चक्का जाम पूर्णतया सफल रहा। इसके चलते कृषि उपज मंडियेा में कृषि जिंसेा की बोली भी स्थगित रही। बीकानेर में कामरेड गिरधारी महिया ने भी इन मांगों को नही मानने तक आंदोलन को जारी रखने की बात कही है।

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अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष और पूर्व विधायक अमराराम ने कहा कि किसानों की मांगों पर सरकार के साथ चर्चा करने के लिये कल किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल जयपुर जायेगा, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी। किसानों आज सीकर जिले में करीब दौ सेौ से अधिक स्थानों पर चक्का जाम किया गया। इससे लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पडा।चक्का जाम के बाद दोपहर को जिला कलेक्टर द्वारा किसान सभा को जयपुर में मंत्री समूह से वार्ता करने का प्रस्ताव भेजा गया जिस पर चर्चा करके पूर्व विधायक और महापडाव की अगुवाई कर रहे कामरेड अमराराम ने आज जयपुर जाकर मंत्री समूह से वार्ता करने से इंकार कर दिया और कहा की अगर मंत्री समूह को आज ही चर्चा करनी है तो वे सीकर आ जाए। बाद में किसान सभा और मंत्री समूह के बीच कल वार्ता होने पर सहमति बनी अब कल किसान सभा के 11 सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल के साथ चार मंत्रियों का समूह किसानों की मांगों को लेकर वार्ता करेगा।
वही, किसान नेता और पूर्व विधायक अमराराम ने साफ कर दिया की अगर सरकार ने उनकी स्वामीनाथन आयोग की शिफारिश सहित किसानों के कर्ज माफी की मांग नहीं मानी तो उनका महापडाव जारी रहेगा।
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