किसान आंदोलन : सरकार से वार्ता के बाद सभी मांगों पर बनी सहमति

 लूणकरनसर/बीकानेर । बीकानेर जिले के लूणकरनसर क्षेत्र में किसानेां व पशुपालकेां की और से कंवरसेन लिफ्ट नहर से सिंचाई पानी सहित अन्य मांगो केा लेकर 12 दिनों से दिया जा रहा धरना शनिवार को वार्ता के बाद सभी मागेंा पर सहमति के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। वंही इस मामले में पुलिस प्रशासन की और से दर्ज कराए मुकदमें में गिरफतार किसानेां को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस क्षेत्र मंे प्रशासन की और से धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निषेधाज्ञा जारी की गई है। किसानेां की सुबह बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया।

माकपा नेता लालचंद भादू ने बताया कि किसानेंा केा सिंचाई के लिए पानी, आवारा पशुअेां की समस्या से निजात तथा इस आंदोलन के दौरान किसानेंा पर जो मुकदमें दर्ज किये गए है उनको वापिस लेने की मांग को लेकर सरकार ने वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने पर सहमति दी। जिस पर
राज्य सरकार व किसानो के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता मंे किसानेां को 1 क्यूसेक सिंचाई पानी, आवारा पशुओं को एकत्रित कर गौशाला में भेजने, किसानेां पर दर्ज मुकदमों पर सदभावनापूर्वक विचार करने पर सहमति बन गई। जिसके बाद किसानेां न पड़ाव को स्थगित कर दिया।
किसान नेता महिपाल सारस्वत ने बताया कि लूणकरनसर क्षेत्र की कंवरसेन नहर के मोघोें को तेाड़कर उनका साइज छोटा कर दिया है, जिससे उनकी क्षमता को कम कर दिया गया, जिसके चलते सिंचाई पानी पूरी तरह से खेतों में नही पहुंच रहा है।
सारस्वत ने बताया कि किसानेां को पूर्व में 3.90 क्यूसेक वाटर अलांउस पानी दिया जा रहा था जो कि अब 3 क्यूसेक कर दिया गया है। इससे सिंचाई पानी की कमी हो रही है। यदि समय रहते सरकार ने वार्ता में जिन मुददों पर सहमति दी है वेा पूरी नही की गई तो किसानेंा का आदेालन वापिस किया जायेगा।
राज्य सरकार की और से जल संशाधन मंत्री डा.रामप्रात, प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल, जल संशासन के संभागीय मुख्य अभियंता, आई जी बिपिन पांडे, संभागीय आयुक्त सुआलाल, पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा, जिला कलैक्टर अनिल गुप्ता व किसानेां की और से माकपा नेता लालचंद भादू, कामरेड हेतराम बेनीवाल, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र भादू, कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष महेंद्र गहलोत, बीकानेर जिला प्रमुख सुशीला सींवर, पूर्व विधायक व माकपा नेता पवन दुग्गल, एटा सिंजरासर किसान आंदोलन के संयोजक राकेश बिश्नोई प्रतिनिधिमंडल वार्ता में शामिल थे।
वंही लूनकरणसर के उपखण्ड मजिस्ट्रेट रतन कुमार स्वामी ने तहसील लूनकरनसर क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं जान माल की सुरक्षा के दृष्टि से दंड प्रक्रिया 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निषेधाज्ञा जारी की है। इसके अनुसार तहसील क्षेत्र लूनकरणसर में रहने वाले निवासियों एवं इसमें विचरण करने वाले समस्त व्यक्तियों को निर्देशित करते हुए 14 जुलाई की सायं 8 बजे से 16 जुलाई की सायं 5 बजे तक संपूर्ण लूनकरणसर क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के आग्नेयास्त्र जैसे रिवाल्वर, पिस्तोल, सभी प्रकार की बंदूकें एवं धारदार हथियार जैसे गंडासा, फरसा, तलवार, कृपाण, भाला, चाकू, कुल्हाड़ी, आपत्तिजन विस्फोटक पदार्थ एवं लाठी लेकर चलने, प्रदर्शन करने व रैली इत्यादि निकालने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया है। उक्त आदेश सुरक्षा बलों पर लागू नहीं होंगे।

उक्त आदेशों की अवहेलना करने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दंड सहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उक्त आदेश अखिल भारतीय किसान सभा की लूनकरणसर शाखा द्वारा कंवरसेन लिफ्ट नहर लूनकरणसर की विभिन्न वितरिकाओं के एपीएम दुरूस्त करने के संबंध में तहसील मुख्यालय के आगे चल रहे धरना प्रदर्शन के दौरान लूनकरणसर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी किए गए हैं।

गौरतलब है कि पिछले 12 दिनों से उपखण्ड मुख्यालय पर धरना दिया जा रहा था। जिसके चलते शुक्रवार को आवारा पशुओं को लेकर किसानों ने पशु रैली निकाली। इसके बाद किसानेंा पर पुलिस में झड़प हो गई थी। जिसमें पुलिस के जवान, अधिकारी चोटिल हेा गए थे।

ये रहे मौजूद
माकपा नेता लालचंद भादू, कामरेड हेतराम बेनीवाल, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र भादू, कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष महेंद्र गहलोत, बीकानेर जिला प्रमुख सुशीला सींवर, पूर्व विधायक व माकपा नेता पवन दुग्गल, एटा सिंजरासर किसान आंदोलन के संयोजक राकेश बिश्नोई इत्यादि उपस्थित थे।

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