सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानेां का पड़ाव जारी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, दो दर्जन किसान व एक दर्जन पुलिसकर्मी चोटिल

बीकानेर । बीकानेर जिले के लूणकरनसर क्षेत्र के किसानेां व पशुपालकेां की और से सिंचाई विभाग द्वारा कंवरसेन लिफ्ट नहर के तोड़े गए 60 मोघों को लेकर पिछले 11 दिनों से उपखण्ड मुख्यालय पर धरना दिया जा रहा है। जिसके चलते शुक्रवार को आवारा पशुओं को लेकर किसानों ने पशु रैली निकाली। इसमें तहसील क्षेत्र के हजारों किसान अपने पशुओं के साथ पहुचंे। किसानेां ने बीकानेर – सूरतगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। जिसे खुलवाने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी प्रयास करते रहे लेकिन किसान नही माने। इसके चलते किसानेां व पुलिस के बीच झड़प हेा गई, जिसमें दो दर्जन किसान व ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कायल, वृताधिकारी दुर्गपालसिंह राजपुरोहित, कालू पुलिसथानाधिकारी सुभाष चौधरी, प्रशिक्षु आरपीएस कमल कुमार सहित एक दर्जन पुलिस अधिकारी व जवान चोटिल हेा गए। यंहा किसानेंा को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
लूणकरनसर पुलिसथाना से मिली जानकारी अनुसार किसानेां की इस पशु रैली से राजमार्ग जाम हो गया। जिसके चलते किसानेां व पुलिस में झड़प हो गई।
मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि किसान करीब 3 हजार आवारा व अपने पशु राजमार्ग पर लेकर आ आए, जिसके चलते बीकानेर – सूरतगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग जाम हेा गया। किसानों ने लूणकरनसर रेलवे स्टेशन पर पटरियोें पर कब्जा जमाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने सभी को वंहा से तितर बितर कर दिया।kissan
किसान नेता महिपाल सारस्वत ने बताया कि लूणकरनसर क्षेत्र की कंवरसेन नहर के मोघोें को तेाड़कर उनका साइज छोटा कर दिया है, जिसके चलते सिंचाई पानी पूरी तरह से खेतों में नही पहुंच रहा है। किसान शनिवार को धानमंडी में बड़ी संख्या में एकत्रित होंगे। पुलिस व प्रशासन की और से की गई कार्यवाही किसानेां के हितों पर कुठाराघात करने वाली है। पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए किसानेंा पर लाठीचार्ज किया है। जिसमे दो दर्जन से अधिक किसान घायल हुए है। उन्होने बताया कि शनिवार को माकपा नेता हेतराम बेनीवाल सहित प्रदेश भर के माकपा नेता इसमें भाग लेंगे।
जिला कलैक्टर अनिल गुप्ता ने बताया कि किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। लेकिन राजमार्ग पर आवारा पशुओं को छोड़ने के बाद तहसील परिसर में उन्हे घुसाने की बात पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने राजमार्ग से पशुओं को हटा दिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक सवाई सिहं गोदारा ने बताया कि किसान करीब 5 हजार पशुओं को लेकर राजमार्ग पर आ गए, जिससे दो घ्ंाटे से अधिक समय तक राजमार्ग जाम रहा। स्थिति अभी नियंत्रण में है।
इससे पूर्व प्रशासन व पुलिस ने पशु रैली को लेकर इंतजाम किए और सरकारी कार्यालयों के मुख्य प्रवेशद्वार पर ताले लगवा दिए । जिससे सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी ठप है। तहसील, उपख्ंाड अधिकारी साथ ही मुख्य सड़कों व चौराहों पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात है।सांय तक जिला कलैक्टर, संभागीय आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता सहित अनेक प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुचं चुके है।

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