इंडिया इंडस्ट्रीयल फेयर-2018 : टैक्स सुधारों में जीएसटी मील का पत्थर होगा साबित

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जयपुर। देश के औद्योगिक निवेश में अधिक से अधिक बढ़ोतरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले तीन साल से प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री के इन्हीं प्रयासों का प्रतिफल है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर व क्वालिटी प्रोडेक्ट में सुधार हुआ है।
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यह बात केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री सीआर चौधरी ने लघु उद्योग भारती और उद्योग विभाग, राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी में जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित चार दिवसीय इंडिया इंडस्ट्रीयल फेयर-2018 उद्योग दर्शन के समापन समारोह में कही।
श्री चौधरी ने कहा कि हर खेत को पानी व हर हाथ को रोजगार मिले, इसी के दृष्टिगत केंद्र सरकार काम कर रही है। इसके लिए मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया व मुद्रा ऋण योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय उद्यमियों को अपनी पहुंच विदेशों तक बनानी है, तो उन्हें अपने प्रोडेक्ट की क्वालिटी में सुधार लाना होगा। केंद्रीय मंत्री चौधरी ने देश की जीडीपी में एमएसएमई सेक्टर की भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि इस सेक्टर का 20 प्रतिशत योगदान है। एमएसएमई सेक्टर ने देश में 40 फीसद रोजगार सृजन किया है. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसे और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में अनेक निर्णय ले चुके हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि जीएसटी के कारण देश में उद्योगों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी इसे लागू करने का प्रयास किए गए, लेकिन मौजूदा सरकार ने सभी पक्षों को विश्वास में लेकर इसे लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कर सुधारों में जीएसटी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने अमेरिकी रेटिंग कंपनी मूडीज की हालिया रेटिंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में निरंतर सुधार की प्रक्रिया को भी रेखांकित किया।
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परनामी ने कहा कि इंडस्ट्री लगाना ‘इन डस्ट ट्री’ की तरह है, यानी रेगिस्तान में पेड़ लगाने के समान है। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि किसी भी देश की आर्थिक स्थिति तभी मजबूत हो सकती है जब वहां ज्यादा से ज्यादा उद्योग धंधे हों। इसी के तहत केंद्र सरकार की मुद्रा ऋण योजना को लागू किया गया है। इसी योजना की सफलता का परिणाम है कि एक साल में आठ करोड़ लोगों को तीन लाख करोड़ का ऋण मुहैया करवाकर उन्हें स्वावलंबी बनाया गया है।
आईआईएफ-2018 नेशनल चेयरपर्सन ओमप्रकाश मित्तल ने बताया कि आयोजन अपने उदेश्यों में सफल रहा है और इससे जुडऩे वाले प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या व उत्साह को देखते हुए आने वाले समय में इसके स्वरूप को अंतरराष्ट्रीय बनाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी साल जुलाई में छतीसगढ़ व सितंबर में इंदौर में इंडिया इंडस्ट्रीयल फेयर आयोजित किए जाएंगे।
समारोह में जयपुर नगर निगम के महापौर अशोक लाहोटी, जोधपुर नगर निगम के महापौर घनश्याम शर्मा, राजस्थान के एसजीएसटी कमिश्नर आलोक गुप्ता, जयपुर शहर के सांसद रामचरण बोहरा, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद्र, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम, आईआईएफ के संयोजक महेंद्र खुराना, जोधपुर प्रांत के राजेंद्र राठी सहित प्रदेशभर पदाधिकारी व उद्यमी मौजूद थे। मंच संचालन एलयूबी जयपुर अंचल के सचिव महेंद्र मिश्रा ने किया। इस दौरान अतिथियों ने आठ बेस्ट स्टाल संचालकों को सम्मानित किया। साथ ही। आखिरी दिन फेयर में बड़ी संख्या में विजिटर्स ने शिरकत की। इससे पूर्व तकनीकी सत्र मंत्रा ऑफ सक्सेस एंड सोशल एन्टरन्प्रिन्योरशिप में सक्सेस एन्टरन्प्रिन्योर्स ने अपनी यात्रा को युवा उद्यमियों से साझा किया।

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